Tuesday, 1 May 2007

कोंकणी भाषा

Thirukkural in Konkani
तिरुकुरल - कोंकणी भाषा


Konkani Translation by:
N. Purushothama Mallaya
Publisher:
Konkani Bhasha Prachar Sabha, Cochin-2
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पुस्तक एक - धर्माचेरि
द्या 001 to 010
1. देवाक स्तुति
6. चांगपण एक सहधर्मिणीले
2. पौसाक स्तुति
7. चेरडुवांगेलो संतोष
3. ऋषींगेले महत्व
8. स्नेह
4.सद् गुणाचि शक्ति
9. आथित्य सत्कार
5. कुडुंब जीवित
10.दयाळपणा उलोवप्
द्या 011 to 020

11. उपकारस्मरण
16. सहिष्णुता
12. न्यायता
17. शत्रूंथ्कून मोचन
13. आत्म नियन्त्रण
18. लुब्धु जान्व्नत्तिले रबप्
14. सत्स्वभाव
19. अपवादनत्तिले रबप्
15. दुसराले बयिलेक आशा कर्नत्तिले रबप्
20. निरर्थक जाव्न उलोव्चे वर्जन करचे

द्या 021 to 030
21. पापाचे भय
26. मांसाहाराथकून परिवृज
22. उदारता
27. तपस
23. दान
28. कापटय
24. विख्याति
29. नित्तिले रबचे कापटय
25. दया
30. सत्यस्थिति
द्या 031 to 038
31. क्रोधाथकून मुक्त
35. परित्याग करचे
32. ना वायिट करचे
36. सत्य सादन करचे
33.  ना हिंस करचे
37. आशा उन्मूलन करचे
34.अस्थिर जाव्नसिले
38. नशीब

पुस्तक दुसरे - धनापासून
द्या 039 to 050
39. एक रायाली होडिविकायि
45. अभ्यर्थन करप उप्देश श्रेष्ट मनुष्यांगेले
40. शिकावण्
46. परिवृज करप नीचांगेले संसर्ग
41. अज्ञान
47. प्रवर्तन करचे दीर्ध दृष्टीन
42. बुद्बवन्तागेले अयकप्
48. विज्ञान शक्ति
43. विज्ञान
49. योग्य वेळाचे विज्ञान
44. चूकि समकरप
50. विज्ञान उचित स्थ्लाचे
द्या 051 to 060
51. विज्ञान योग्य मनुष्यांगेले
56. क्रूर राजाधिकार
52. वेंचून काडप अनी काम दिवप्
57. निग्रहाचे अभाव
53. स्नेह दकोव्चे एकालाले बंधु
58. अनुकंपा
54. विसरप्नित्तिले
59. चारवृत्ति
55. स्याय युक्त राजाधिकार
60. अद्यम
द्या 061 to 070
61. आलस्याथकून विमुक्त
66. प्रवृतीचे परिशुद्धि
62. मानुषिक प्रयत्न
67. प्रवृतीचेरि धृडता
63. नैराश्या थकून विमुक्त
68. प्रवृतीचि रीति
64. मन्त्रियि
69. राजदूत
65. उलोपा सामर्थ्य
70. एक रायाक सेब करचे
द्या 071 to 080
71. विज्ञानाचे छित्र
76. धन संग्रह करचे
72. समाज विज्ञान
77. सैन्याचि शक्ति
73. सामाजाचेरि निर्भय
78. सैनिक वीर्य
74. राज्य
79. मित्रत्व
75. कोट बंधूचे
80. मित्रांक वंचून काडचे
द्या 081 to 090
81. दीर्घकाल असूचे मित्रत्व
86. विद्वेष
82. वाचिट संसर्ग
87. शत्रूंचेरि अधिकार दकोवप्
83. फतवणेचे मित्रत्व
88. मनाकरप शत्रूलि शक्ति
84. मूढता
89. शत्रु भितेरि
85. अज्ञान
90. प्रकोप करनत्तिले रबप महात्माक
द्या 91 to 100
91. बयिलानि नयन करचे
96. कुलीन जन्म
92. चेडियो
97. भहुमान
93. पीवन्त्तिले रबप
98. व्होडपण
94. जूवानि खेळचे
99. संपन्नता
95. औषद
100. दाक्षिण्य
द्या 101 to 108
101. परिक्षीणित धन
105. दारिद्रय
102. विनय
106. भिक मगप
103. कुडुंबाची कीर्ती अधिक करपे
107. बीक मगूक भय
104. क्रुषि
108.नीचत्व

पुस्तक तीसरे - स्नेहापासून
द्या 109 to 120
109. तिजे सौन्दर्यान जल्लेले संभ्रम
115. जनप्रवादाचो प्रचार
110. लक्षण वाचाम्
116. असहिष्णुता वियोग
111. आलिंगानाचे आनन्द
117. आक्षेप करचे
112. तिगेले सौन्दर्य
118. दुःखान्तु शोषण जलेले दोळे
113. कामाचि महिमा
119. पाण्ड वर्ण
114. सोडिले नियंत्रण
120. एकान्तित यातना
द्या 121 to 133
121. शोकाकुल संस्मृति
128. कळचेतसले एक मेकांगेले विचार
122. उलोव्चे सप्नाख्तीरि
129. आशा पुनः संगमाखतीरि
123. विलाप संघ्या वेळारि
130. निष्ठुर हृदय
124. परिक्षीणित जव्चे अवयव
131. कपट संग्रह
125. आत्मगत भाषण
132. फटवणे कोप
126. संग्रहाथकून ऊन्छ येवप
133. फटवणेचे कोपाचे रमणीयता
127. अत्याकांक्षित दिकचाक एक मेकांक




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